फेफड़ों को खुली हवा न मिली


फेफड़ों को खुली हवा न मिली
न मिली आपसे वफ़ा न मिली

दुश्मनी ढूँढ़-ढूंढ़ कर हारी
दोस्ती है जो लापता न मिली

वक़्त पे छोड़ दिया है सब कुछ
दर्दे-दिल की कोई दवा न मिली

हर किसी हाथ में मिला खंज़र
आपकी बात भी जुदा न मिली

है न हैरत, जहां में कोई भी
खुशी, ग़मों से आशना न मिली

सोचता है नदीश ये अक्सर
ज़िन्दगी आपके बिना न मिली



चित्र साभार-गूगल

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