रफ़्तार



रुको... रुको...
इतनी तेज रफ्तार से मोटर साइकिल चलाना नियम विरुद्ध है,  जुर्माना भरना पड़ेगा, यह कहते हुए ट्रैफिक सिपाही ने रसीद बुक निकाली और तेज गति से आ रहे वाहन चालकों को रोकते हुए कहा।
तभी बाइक पर सवार एक युवक ने लगभग चिल्लाते हुए कहा तू जानता है कौन हूं मैं...साले जुर्माना लगाएगा, तेरी तो रुक अभी बताता हूं।

अरे तुम लोग तो शराब भी पिये हुए हो और किसी ने हेलमेट भी नहीं पहना है, चालान तो बनेगा ही, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त होगा... ट्रैफिक सिपाही ने कहा।
क्या कहा... तू ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करेगा, रुक अभी बताता हूँ और यह कहते हुए उस नवयुवक ने अपने मोबाइल से किसी को फोन लगा दिया।
5 मिनट के बाद ही सिपाही के मोबाइल फोन की घंटी बजी और फ़ोन पे अधिकारी ने सिपाही को डांटना शुरू कर दिया। अधिकारी की लताड़ से सिपाही का सर झुक गया और वह चुपचाप खड़ा रहा। मोटर साइकिल सवार युवक सिपाही को गाली बकते, अट्टाहास करते हुये तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते वहां से चले गए।

1 घंटे बाद
शहर का पूरा प्रशासन, पुलिस और मीडिया वाले सिटी से पांच किलोमीटर दूर हाईवे की ओर भागे जा रहे थे, खबर थी कि नगर सेठ का पुत्र और उसके कुछ दोस्त सड़क दुर्घटना में मारे गए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर नगरसेठ के समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया और सड़क पे बिखरे शवों को उठाने नहीं दे रहे थे। दुर्घटना में नगरसेठ के पुत्र के साथ ही शहर के कुछ धनाढयों के लड़के भी मारे गये थे।
घटना स्थल समर्थकों की नारेबाज़ी से गूँज रहा था। मंत्री जी इस्तीफा दो...मंत्री जी इस्तीफा दो... प्रशासन डूब मरो... प्रशासन डूब मरो...

तभी एक समर्थक ने नगरसेठ के कान में कुछ कहा और फिर सेठ जी मोबाइल पे किसी से बात करने लगे। काफी गहमागहमी और हल्के लाठीचार्ज के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने नगर सेठ के कुछ करीबी लोगों से बात कर धरना प्रदर्शन बंद करवाया और मृत लड़कों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
क्रमशः...
चित्र साभार-गूगल

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